जवाब ( 1 )

  1. बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

    अगर एक सय्यद औरत का शौहर अपनी तंगदस्ती और ग़रीबी के कारण अपनी बीवी को खर्च न दे सकता हो और बीवी भी ग़रीब हो, तो वह सहमे सादात से अपनी ज़रूरत के मुताबिक़ रक़म ले सकती है और उसे अपने शौहर और बच्चों पर खर्च भी कर सकती है.

    हवाला : फ़िक़्ही मसाएल का मजमूआ, बहस ख़ुम्स, मसला, 1214
    आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई

Leave an answer

Browse

By answering, you agree to the Terms of Service and Privacy Policy.