जवाब ( 1 )

  1. 2024-05-31T15:46:59+05:30

    इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की एक नूरानी हदीस के मुताबिक आप अपने ज़ायर की मदद के लिए कई मौके पर तशरीफ़ लेट हैं। आप फरमाते हैं” जो दूर होने के बावजूद हमारी ज़ियारत करे और हमारी ज़ियारत के लिए आये तो क़यामत के दिन हम तीन जगहों पर उसकी सहायता के लिए आयेंगे ताकि उसे दुःखों से मुक्ति दिलायें।
    पहला उस वक्त जब इंसान के नामा ए आमाल उसके दाहिने और बायें हाथ में दिये जायेंगे।
    दूसरे उस वक्त जब वह पुले सेरात से गुज़रेगा।
    तीसरे उस वक्त जब उसके आमाल तौले जायेंगे।

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