जवाब ( 1 )

  1. 2024-05-09T15:44:12+05:30

    मिट्टी, रेत, ढेले और रोढ़ी या पत्थर पर तयम्मुम करना सहीह है लेकिन एहतियाते मुस्तहब यह है कि अगर मिट्टी मुयस्सर हो तो किसी दूसरी चीज़ पर तयम्मुम न किया जाए। और अगर मिट्टी न हो तो रेत या ढेले पर और अगर रेत और ढेला भी न हो तो फिर रोढ़ी या पत्थर पर तयम्मुम किया जाए।
    जिप्सम और चूने के पत्थर पर तयम्मुम करना सहीह है नीज़ उस गर्दोंग़ुब्बार पर जो क़ालीन, कपड़े और उन जैसी दूसरी चीज़ों पर जमाअ हो जाता है, अगर उर्फ़े आम में उसे नर्म मिट्टी शुमार किया जाता हो तो उस पर तयम्मुम सहीह है। अगरचे एहतियाते मुस्तहब यह है कि इख़्तियार की हालत में उस पर तयम्मुम न करे। इसी तरह एहतियाते मुस्तहब की बिना पर इख़्तियार की हालत में पक्के जिप्सम और चूने पर और पक्की हुई ईट और दूसरे मअदनी पत्थर मसलन अक़ीक़ वग़ैरा पर तयम्मुम न करे।

    हवाला : तौज़ीहुल मसाइल आयतुल्लाह सीस्तानी, मसला 692 -693

Leave an answer

Browse

By answering, you agree to the Terms of Service and Privacy Policy.