जवाब ( 1 )

  1. बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

    तर्जुमा पढ़ने से सज्दा वाजिब नहीं होता।

    हवाला: आयतुल्लाह ख़ामेनई की वेबसाइट http://www.khamenei.ir

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