जवाब ( 1 )

  1. बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम
    नमाज़ का वाजिब सलाम “अस सलामो अलैकुम” और “अस सलामो अलैना व अला इबादिल्लाहिस सालेहीन” है
    और बेहतर है कि “अस सलामो अलैकुम” के बाद व रहमतुल्लाहे व बरकातोह का भी इज़ाफ़ा करे.

    इन दोनों सलामों से पहले “अस सलामो अलैका अय्योहन नबीयो व रहमतुल्लाहे व बरकतोह” कहना मुस्तहब है.

    हवाला: आयतुल्लाह ख़ामेनई, तौज़ीहुल मसाएल फ़ारसी, मसला 293

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