जवाब ( 1 )

  1. बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

    जादू का इल्म शरअन हराम है और इसी तरह उसका सीखना भी मगर यह कि किसी शरई और अक़लानी मक़सद के लिए हो तो जाएज़ है. लेकिन रूह, फ़रिश्तों और जिन्न को हाज़िर करना अगर सही और मुमकिन मान भी लिया जाये तो उसके मौक़े, वसाएल, और मक़ासिद के लिहाज़ से हुक्म अलग-अलग होगा.

    वेबसाइट दफ़्तर रहबरे मोअज्ज़मे इन्क़ेलाबे इस्लामी

    जादू करने में बारे में आयतुल्लाह सीस्तानी फ़रमाते हैं: सेहर व जादू गुनाहे कबीरा यानी बड़ा गुनाह है. जादू करना जाएज़ नहीं है.

    इस्तेफ़्ताआत आयतुल्लाह सीस्तानी, सवाल व जवाब, सेहर

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