जिसका काम सफ़र में हो अगर वह काम के अलावा सफ़र करे तो उसकी नमाज़ का क्या हुक्म है?

Question

जवाब ( 1 )

  1. बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

    काम के अलावा दूसरे सफ़र में उसकी नमाज़ क़स्र है और वह रोज़ा नहीं रख सकता. लेकिन अगर वो इन्सान कसीरुस-सफ़र हो गया है तो फिर वह चाहे किसी भी वजह से और किसी भी जगह सफ़र के लिए जाए उसकी नमाज़ पूरी होगी और उसकी रोज़ा भी रखना होगा. वल्लाह आलम

    wilayat.com का दफ़्तरे आयतुल्लाह ख़ामेनई और सीस्तानी से इस्तेफ़्ता

    इस्तेफ़्ता न. 6rymgym (दफ़्तरे आयतुल्लाह ख़ामेनई)

    इस्तेफ़्ता न. 883465 (दफ़्तरे आयतुल्लाह सीस्तानी)

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