अगर सिर्फ एक रकअत का वक़्त रह गया हो तो नमाज़ किस नीयत से पढ़ना चाहिए?

Question

जवाब ( 1 )

  1. बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम
    अगर सिर्फ एक रकअत नमाज़ पढ़ने का वक़्त बाक़ी रह गया हो तो नमाज़ को अदा की नीयत से पढ़ना चाहिए, लेकिन नमाज़ में जान बूझ कर इतनी ताख़ीर नहीं करना चाहिए और अगर यह शक हो कि एक रकअत के लिए भी वक़्त बचा है या नहीं, तो मा फ़िज़्ज़िम्माह की नीयत से नमाज़ पढ़ना चाहिए.

    हवाला : तौज़ीहुल मसाएल फ़ारसी, आयतुल्लाह ख़ामेनई, मसला 24

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