मैं बालिग़ हो चुका हूं और मेरी ख़ालाज़ाद और मामूज़ाद बहनें पर्दे का ख़याल नहीं रखतीं। उनसे बात करता हूं तो उनके बाल नज़र आते हैं। मैं क्या करूं? अगर बात करूं और उनकी तरफ़ न देखूं तो वे इसे तौहीन समझती हैं और नाराज़ हो जाती हैं, मुझे क्या करना चाहिए?
Question