अगर कोई मग़रिबैन की नमाज़ आधी रात तक न पढ़े, तो उसे किस नीयत से पढ़ना चाहिए ?

जवाब

बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम
अगर कोई शख़्स नाफरमानी या किसी उज़्र के सबब आधी रात तक मग़रिब और इशा की नमाज़ न पढ़े तो बिना बार एहतियाते वाजिब इन नमाज़ों को अज़ाने सुबह से पहले तक अदा या क़ज़ा की नीयत के बग़ैर (माफिज़्ज़िम्माह की नीयत) से पढ़ना चाहिए.


हवाला : आयतुल्लाह ख़ामेनई, तौज़ीहुल मसाएल फ़ारसी, मसला 18

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